ख़ंजर दिल के पार करेगा
मुझ को वो इनकार करेगा
मैं ने ऐसा सोचा नहीं था
तू मुझ को लाचार करेगा
दिल को भी मंज़ूर नहीं था
तू मुझ को इनकार करेगा
तू ने मुझ को देखा नहीं है
कैसे मुझ को प्यार करेगा
टूटी है पतवार तेरी फिर
कैसे दरिया पार करेगा
— DEEPAK CHATURVEDI















