एक घर में पूरा का पूरा जहाँ हैढूँढ़ते तो हम ही हैं बाहर कहाँ हैक्यूँ मैं ऊपर बैठे पूजूँ उस ख़ुदा कोजब कि घर में बैठी भगवन मेरी माँ है— Deep kamal panecha