फ़क़ीरों की लकीरों की तलाशी ली नहीं जाती
सुनी जाती हैं अच्छी बात पर मानी नहीं जाती
जो यादें जी हों कच्ची उम्र ने जल्दी नहीं जाती
तभी तस्वीर इस दिल से मेरे उस की नहीं जाती
रखी है पाल मैं ने भी बुरी आदत ये अच्छे से
सिखाता हूँ बुरी आदत कोई पाली नहीं जाती
इसे क्या ऐब मानूँ मैं या मानूँ ख़ुशनसीबी बोल
की है कोशिश बहुत पर दूर तन्हाई नहीं जाती
'धरम' ये बात लागू इश्क़ में होती नहीं शायद
दुआ गर सच्चे दिल से हो तो फिर ख़ाली नहीं जाती
— "Dharam" Barot















