हर जान जब घनश्याम सी लगने लगे
संसार सारा स्वर्ग ही लगने लगे
कुछ अंध भक्तो का सहारा होने से
रावण भी कैसे रामजी लगने लगे
काफ़ी है आ जाए र मुझ में राम का
फिर 'इश्क़ में तू जानकी लगने लगे
दुर्गा की मुझ पर हो दुआ ऐसी की बस
शिद्दत से शिव में ध्यान भी लगने लगे
हो जानी सारी इच्छा पूरी सबकी ही
उस पर मुहर भगवान की लगने लगे
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