मिला है सभी को यहाँ एक झटका
खिलाड़ी भी क़िस्मत भरोसे था अटका
मोहब्बत का इज़हार कर जाके उस सेे
किसी जाल में ख़ुद को ऐसे न लटका
इशारों में यूँँ बात को तू न उलझा
ये आँखों को अपनी तू ऐसे न मटका
किसी और मटके में तू मत उलझ दोस्त
फ़क़त होता पीने को पानी ये मटका
अकड़ में नहीं रहना था इतना भी दोस्त
अकड़ तोड़ने अच्छा है उसका फटका
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