चाँद को इस तरह जलाती हूँ
तेरी फ़ोटो उसे दिखाती हूँ
मैं तेरी कुछ रिकार्डिंग सुन कर
दाइमी हिज्र काट पाती हूँ
नींद बिस्तर पे जब नहीं आती
मैं तुम्हें ओढ़ती बिछाती हूँ
तेरी आँखों को पढ़ती हूँ पहले
फिर उसे शा'इरी बनाती हूँ
— Firdous khan
तेरी फ़ोटो उसे दिखाती हूँ
मैं तेरी कुछ रिकार्डिंग सुन कर
दाइमी हिज्र काट पाती हूँ
नींद बिस्तर पे जब नहीं आती
मैं तुम्हें ओढ़ती बिछाती हूँ
तेरी आँखों को पढ़ती हूँ पहले
फिर उसे शा'इरी बनाती हूँ
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