"ख़त"
स्याही से रंगी ये ख़त की चुन्नी
काजल कर आँखों में घोल लिया करना
मन बेमन जान इसे ओढ लिया करना
हो नुक्ते की बिंदी माथे का गहना
इन लफ्ज़ों को पढ़ना पढ़ती ही रहना
— Prakamyan Gautam
स्याही से रंगी ये ख़त की चुन्नी
काजल कर आँखों में घोल लिया करना
मन बेमन जान इसे ओढ लिया करना
हो नुक्ते की बिंदी माथे का गहना
इन लफ्ज़ों को पढ़ना पढ़ती ही रहना
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