मिरा तो शा'इरी से बस गुज़ारा चल रहा है
तिरा ज़ख़्मों का कारोबार अच्छा चल रहा है
तिरा तो हिज्र भी पुर-लुत्फ़ सा लगता है मुझ को
मुसलसल अब यही चलने दे जैसा चल रहा है
मैं मंज़िल पर नहीं पहुँचा अभी तक ना-ख़ुदा क्यूँ
ये कश्ती रुक गई है या किनारा चल रहा है
— Gulfam Ajmeri















