गर्दिशों में ये सितारे रक़्स करते हैं
नोट पर आदम ये सारे रक़्स करते हैं
सोग में आह-ओ-फ़ुग़ाँ तर्क-ए-वफ़ा और हम
अब तलक सारे नज़ारे रक़्स करते हैं
जल रही हो जब कभी इंसान की बस्ती
रास्तों पर कुछ शरारे रक़्स करते हैं
चाँद सी इक चाँद के बस इक इशारे पर
बज़्म में सारे के सारे रक़्स करते हैं
भूख रोटी की अजब इक धुन बनाती है
मुफ़लिसी में बे-सहारे रक़्स करते हैं
इश्क़ में 'अंबर' हमें बे-ख़ुद सा होना है
जिस तरह दरवेश सारे रक़्स करते हैं
— Happy Srivastava 'Ambar'















