हमीं रह गए हैं सहारा हमारा
यहाँ कौन समझे ख़सारा हमारा
किताबों की जादू भरी रौशनी से
चमकने लगा है सितारा हमारा
बिछड़ जाने के बा'द भी याद रखना
वो आवारगी में इशारा हमारा
हमारे बुरे वक़्त में भी किसी ने
उमीदों से चेहरा निहारा हमारा
अभी शहर भर में ठिकाना नहीं है
कभी शहर होता था सारा हमारा
उदासी सफ़र का मुसाफ़िर रही है
सफ़र भी रहा इस्तिआरा हमारा
— Ajay Kumar















