जो बहुत देर बा'द आई है
क्या सलीक़े की अँगड़ाई है
मैं ने इन आँखों की उदासी भी
आप को देख कर छुपाई है
इस तरह रात भर अकेला था
आँखों ने शब रो कर बिताई है
आपने बातें ही बनाई है
और वो भी सुनी-सुनाई है
उस कहानी में आप भी होंगे
जिस कहानी में बे-वफ़ाई है
ये ख़ुदा का कोई करिश्मा है
आप को मेरी याद आई है
— Ajay Kumar















