उन के चेहरे पर सितारे बैठे हैं
फूल पर सारे के सारे बैठे हैं
एक उस का दुख गले लग बैठा है
और बाक़ी दुख किनारे बैठे हैं
धूप भी क़दमों तले पामाल है
फूल फिर किस के सहारे बैठे हैं
एक डायन सारी रौनक़ खा गई
बे-कसी दिल में उतारे बैठे हैं
हम को मौसम आज़माने आए हैं
हम तो पैरों को पसारे बैठे है
कौन जाने चाहने वालों का दुख
चाहने वाले कँवारे बैठे हैं
— Ajay Kumar















