जब ख़ुशी भी ख़ुशी नहीं होती

ज़िंदगी ज़िंदगी नहीं होती

तेरे जल्वे अगर न शामिल हों
चाँदनी चाँदनी नहीं होती

कभी होता भी है नज़र का फ़रेब
आगही आगही नहीं होती

जो न पैदा हो शान-ए-अबदिय्यत
बंदगी बंदगी नहीं होती

सब करिश्में हैं इश्क़ के वर्ना
दिलबरी दिलबरी नहीं होती

जो न पाकीज़ा हो मज़ाक़-ए-हयात
आशिक़ी आशिक़ी नहीं होती

कभी होती है पर्दा-दारी-ए-होश
बे-ख़ुदी बे-ख़ुदी नहीं होती

ख़ुशा तर्ज़-ए-इल्तिफ़ात कि जब
बरहमी बरहमी नहीं होती

हो न इरफ़ान-ए-नफ़्स अगर इन'आम
शा'इरी शा'इरी नहीं होती

— Molana Inam Thanvi

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