नहीं कुछ सिर्फ़ वो ईमाँ समझता है
कि हिन्दुस्ताँ कहो तो जाँ समझता है
वतन के प्यार में है इतना पागल वो
कहो गर माँ तो हिन्दुस्ताँ समझता है
बहुत ज़ाहिल है लड़का प्यार में यारो
कहो गर प्यार तो वो माँ समझता है
कि भाई को वो बस भाई नहीं साहिब
जिगर दिल और अपनी जाँ समझता है
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