साहब हम जिस दिन से कमाने लग जाऍंगे
ये चार लोग भी पाॅंव दबाने लग जाऍंगे
मेरी ओर ख़़ुदा-रा यूॅं ना देखा कीजे
लोग वगरना बात बनाने लग जाऍंगे
As you were reading Shayari by Irshad Siddique "Shibu"
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