हज़रत ए नासेह कहते हैं मुहब्बत मार देगीइश्क़ कहता है मुहब्बत को तिज़ारत मार देगीऔर गुलचीं तो करेगा बारहा यूँ ग़ारत ए गुलइन गुलों को यार गुलचीं की रफ़ाक़त मार देगी— Chandan Sharma