
तुम फ़लक हो और तुम ही सर
ज़मीं हो जानेमन
मैं जहाँ जाऊँ वहाँ पर बस तुम्हीं हो जानेमन
मैं तुम्हारे दिल से निकला और ठोकर में गया
तुम मेरे दिल में थी कल अब भी वहीं हो जानेमन
— Chandan Sharma
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