jaise jaise ladki paanv badhaati hai | जैसे जैसे लड़की पाँव बढ़ाती है

  - Jatin shukla

जैसे जैसे लड़की पाँव बढ़ाती है
पानी में ख़ुद ही हलचल मच जाती है

इन भँवरों की जात है केवल मँडराना
असल मज़ा फूलों का तितली पाती है

  - Jatin shukla

Aurat Shayari

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