bas mohabbat hi mile aisa jahaan koi nahin | बस मोहब्बत ही मिले ऐसा जहाँ कोई नहीं

  - Meem Alif Shaz

बस मोहब्बत ही मिले ऐसा जहाँ कोई नहीं
'उम्र भर सब साथ हो ऐसा मकाँ कोई नहीं

जो हमारा है हमें कैसे मिले इस दौर में
साथ चलने के लिए अब कारवाँ कोई नहीं

इस गरीबी ने सभी कुछ लूटा है हम से मियाँ
सर छुपाने के लिए अब आशियाँ कोई नहीं

तुम हमें किस भीड़ में ले आए हो ऐ दोस्तों
दिल लगाने के लिए अपना यहाँ कोई नहीं

हम कहाँ जाए कहाँ पर घर बनाए शहर में
ज़ुल्म को जो रोक ले ऐसी ज़बाँ कोई नहीं

  - Meem Alif Shaz

Jafa Shayari

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