naam se mere mujh ko bulane lage | नाम से मेरे मुझ को बुलाने लगे

  - Meem Alif Shaz

नाम से मेरे मुझ को बुलाने लगे
जो दवा की थी उस को जताने लगे

वक़्त ऐसा भी आया कि जो दोस्त थे
मुफ़लिसी में वो नज़रें चुराने लगे

वह हमारी बला से जिए या मरे
उसकी चालाकी बस अब ठिकाने लगे

वो तो दुश्मन थे उनको बुरा क्या कहें
आप भी हम को चूना लगाने लगे

छोड़ के चल दिए वह अचानक हमें
जिस मोहब्बत में हम को ज़माने लगे

पंछियों के लिए कुछ किया ही नहीं
ठंड आई तो लकड़ी जलाने लगे

  - Meem Alif Shaz

Dost Shayari

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