मुसलसल कोई घाइल तो नहीं हैमगर जो आज है कल तो नहीं हैतुझे गर सब बुरा कहते हैं तो सोचज़माना यूँही पागल तो नहीं हैमिला है ग़म तो थोड़ा सब्र भी करअँधेरा ये मुसलसल तो नहीं है— Meem Alif Shaz