
शजर से धूप से पैरों से रहगुज़र से पूछ
सफ़र का लुत्फ़ रफ़ीक़ाने हम सेफ़र से पूछ
जिसे भी छोड़ दिया उम्र-भर को छोड़ दिया
मेरे मिज़ाज के बारे में शहर भर से पूछ
— KARAN
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