ख़ुद अपनी पहचान भी रखना
सब को तुम हैरान भी रखना
दिल को एक दिन टूटना होगा
इक कमरा वीरान भी रखना
कोई तुमको भूलना चाहे
मुश्किल भी, आसान भी रखना
मुझ में तेरा खौफ़ हो हरदम
अंदर इक इंसान भी रखना
हर ख़्वाहिश तो पल नहीं सकती
कुछ ज़ेर-ए-ज़िंदान भी रखना
एक दिन तुमको लौटना होगा
थोड़ा सा ईमान भी रखना
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