ittifaq apni jagah khush-qismati apni jagah | इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह

  - Anwar Shaoor

इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह
ख़ुद बनाता है जहाँ में आदमी अपनी जगह

  - Anwar Shaoor

Duniya Shayari

Our suggestion based on your choice

    सुतून-ए-दार पे रखते चलो सरों के चराग़
    जहाँ तलक ये सितम की सियाह रात चले
    Majrooh Sultanpuri
    19 Likes
    इसी होनी को तो क़िस्मत का लिखा कहते हैं
    जीतने का जहाँ मौक़ा था वहीं मात हुई
    Manzar Bhopali
    30 Likes
    इस दौर के मर्दों की जो की शक्ल-शुमारी
    साबित हुआ दुनिया में ख़्वातीन बहुत हैं
    Sarfaraz Shahid
    17 Likes
    मिरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो
    कि इसके बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
    Waseem Barelvi
    125 Likes
    हुआ है तुझ से बिछड़ने के बाद ये मालूम
    कि तू नहीं था तेरे साथ एक दुनिया थी
    Ahmad Faraz
    42 Likes
    दुनिया ने बोला के तुमसे नहीं होगा
    अच्छा है मैं थोड़ा ऊँचा सुनता हूँ
    Divy Kamaldhwaj
    32 Likes
    जिसकी खा़तिर हम भुला बैठे हैं दुनिया
    दोस्तों से ही उन्हें फ़ुर्सत नहीं है
    Shashank Shekhar Pathak
    जहाँ तक आके तुम वापस गए हो
    वहाँ अब तक कोई पहुँचा नहीं है
    Zubair Ali Tabish
    47 Likes
    सिर्फ़ ज़िंदा रहने को ज़िंदगी नहीं कहते
    कुछ ग़म-ए-मोहब्बत हो कुछ ग़म-ए-जहाँ यारो
    Himayat Ali Shayar
    42 Likes
    ये नदी वर्ना तो कब की पार थी
    मेरे रस्ते में अना दीवार थी

    आप को क्या इल्म है इस बात का
    ज़िंदगी मुश्किल नहीं दुश्वार थी

    थीं कमानें दुश्मनों के हाथ में
    और मेरे हाथ में तलवार थी

    जल गए इक रोज़ सूरज से चराग़
    रौशनी को रौशनी दरकार थी

    आज दुनिया के लबों पर मुहर है
    कल तलक हाँ साहब-ए-गुफ़्तार थी
    Read Full
    ARahman Ansari
    13 Likes

More by Anwar Shaoor

As you were reading Shayari by Anwar Shaoor

    सिर्फ़ उस के होंट काग़ज़ पर बना देता हूँ मैं
    ख़ुद बना लेती है होंटों पर हँसी अपनी जगह
    Anwar Shaoor
    34 Likes
    अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ
    अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता तुम हो जाता हूँ
    Anwar Shaoor
    56 Likes
    मेरे घर के तमाम दरवाज़े
    तुम से करते हैं प्यार आ जाओ
    Anwar Shaoor
    30 Likes
    फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था
    वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था
    Anwar Shaoor
    41 Likes
    चमन में आप की तरह गुलाब एक भी नहीं
    हुज़ूर एक भी नहीं जनाब एक भी नहीं
    Anwar Shaoor
    34 Likes

Similar Writers

our suggestion based on Anwar Shaoor

Similar Moods

As you were reading Duniya Shayari Shayari