जिस का बज़्म में चर्चा होगा
सोचो कितना झूटा होगा
जिस ने बस्ती लूटी होगी
शहर में चैन से बैठा होगा
उस के चेहरे पर क्या रौनक़
अंदर से जो टूटा होगा
ख़ुश है ज़ालिम कितना उस ने
मन का मन्दिर लूटा होगा
रौशन शब में तन्हा है वो
साथ किसी का छूटा होगा
उस की आँख भरी है कितनी
बख़्त यक़ीनन फूटा होगा
तस्वीरें देखी हैं लाखों
कौन जहाँ में तुझ-सा होगा
— Kumar Aryan















