सुन रहे हो जो ज़बानी और है
दोस्तों मेरी कहानी और है
कह रहा हूँ जो ज़बानी और है
मामला कुछ दरमियानी और है
दर्द ग़म तन्हाई सब अपनी जगह
इश्क़ की लेकिन निशानी और है
एक रानी के हैं अब राजा कई
प्यार की अब तो कहानी और है
काम से फ़ुर्सत मिलेगी कब तुम्हें
बात इक तुम को बतानी और है
ख़ूब सुनते हो कबीरा का भजन
इस से आगे ज़िंदगानी और है
— Kumar Aryan















