ख़ैर-मक़्दम है आबिद दुआ कीजिएइक दफ़ा तो हमारा भला कीजिएढूँढ़ता मैं फिरूँ आप को दर ब दरजब कभी इक जगह तो मिला कीजिए— Jaypratap chauhan