मैं चाहूँ तुझे बस यही चाहता हूँ
खु़दास भी चाहत तिरी चाहता हूँ
रहे दिल मिरा तेरे दिल के क़रीब अब
नज़र की इनायत तिरी चाहता हूँ
तले काट लूँ मैं ये सारी की सारी
तिरी ज़ुल्फ़ के ज़िन्दगी चाहता हूँ
रहे ख़ुश हमेशा जहाँ देख ले तू
लबों पे तिरे मैं हँसी चाहता हूँ
रहे तेरी आँखों का काजल सलामत
न आँसू हों इनपे कभी चाहता हूँ
— Manish Yadav















