थे जो यार पहले भुलाए न तुम ने
किए थे जो वादे निभाए न तुम ने
पनाहों में रक्खा सभी को भी तुम ने
किए हमपे ज़ुल्फ़ों के साए न तुम ने
मैं बैठा रहा ख़्वाहिशों में तिरी ही
ग़म अपने मुझे ही बताए न तुम ने
— Manish Yadav
किए थे जो वादे निभाए न तुम ने
पनाहों में रक्खा सभी को भी तुम ने
किए हमपे ज़ुल्फ़ों के साए न तुम ने
मैं बैठा रहा ख़्वाहिशों में तिरी ही
ग़म अपने मुझे ही बताए न तुम ने
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