नहींकोईनहींआयाअकेलामैंखड़ाहूँ
नहींकोईनहींआएगायेभीजानताहूँ
कभीतिरछीनिगाहोंसेउसेमैंदेखताहूँ
ज़रावोभीमुझेदेखेयहीबसचाहताहूँ
रखूँसरउसकेकन्धेपरहथेलीहाथमेंहो
मैंअपनेगालपरयेहाथरखकरसोचताहूँ
अधूराइश्क़करकेछोड़दूँगाइससफ़रमें
मुहब्बतमेंमैंबदनामीज़रासीचाहताहूँ
कोईभीफूलमुझसेेरूठकरमुरझानजाए
बराबरनापकरपौधोंमेंपानीडालताहूँ