हम ज़रा ख़ुद पर जो है सख़्ती ज़ियादा कर रहे हैं
अब तो धीरे धीरे से हम दिल-कुशादा कर रहे हैं
अब न हो पढ़ने समझने में ज़रा भी सब को दिक़्क़त
इस लिए भी अपना हम किरदार सादा कर रहे हैं
बात दिल से अब लगा ली आपने भी यार कोई
आप भी या'नी कि जाने का इरादा कर रहे हैं
यूँ हमें लगता तो है हम बा'द उस के मर न जाएँ
सो सभी से हम बिछड़ जाने का वा'दा कर रहे हैं
जंग में तेरी तरफ़ से सब से आगे रहने को हम
शाह की सफ़ छोड़ कर अब ख़ुद को प्यादा कर रहे हैं
— Aditya Maurya















