वक़्त के ही साथ घट जाएँ तो अच्छादरमियाँ दोनों के जितनी दूरियाँ होतुम को अपना कह दिया सो सब है मंज़ूरजितनी भी अब यार तुझमें ख़ामियाँ हो— Aditya Maurya