Aditya Maurya

Aditya Maurya

@Mauryaji__007

Aditya Maurya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aditya Maurya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

33

Likes

16

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

जो पहलू में है तन्हाई है मेरे दोस्त
यही अपनी शनासाई है मेरे दोस्त

Aditya Maurya

कमा लो नाम चाहे जितना भी पर गाँव में तो दोस्त
बुजुर्गों की सभी को आज भी पहचान लगती है

Aditya Maurya

हम चाहते हैं पर यूँ तो होता नहीं है ये
इक बार फिर किसी पे हमें एतिबार हो

Aditya Maurya

वक़्त के ही साथ घट जाएँ तो अच्छा
दरमियाँ दोनों के जितनी दूरियाँ हो

तुमको अपना कह दिया सो सब है मंज़ूर
जितनी भी अब यार तुझमें ख़ामियाँ हो

Aditya Maurya

हम उसकी तमन्ना में यूँ हो गए थे पागल
जब वो मिला तो उसको दुत्कार दिया हमने

Aditya Maurya

कुछ न कुछ कहके सबने किनारा किया
सो सुना सब वही फिर दुबारा किया

है अना में छुटा ख़ूबसूरत वो शख़्स
हमने नुक़सान ख़ुद ही हमारा किया

Aditya Maurya

कुछ नहीं है मगर उदासी है
चाहिए क्या ही गर उदासी है

अब वहीं शब गुज़ारते हैं हम
जिस किसी के भी दर उदासी है

Aditya Maurya

आप बस बने रहें यूँ ही मेरे हिस्से में
फिर मिरे ही शेरों से ख़ुद का नाम कीजिए

Aditya Maurya

ख़्वाब में इक बार फिर देखी वो आँखें
अक्स वो रुख़्सार के प्यारी वो आँखें

हो भी जाए क़ैद से आज़ाद हम पर
क्या करें जब देख लें तेरी वो आँखें

Aditya Maurya

हम चाहते हैं पर यूँ तो होता नहीं है ये
इक बार फिर किसी पे हमें एतिबार हो

Aditya Maurya

तुझ से हम फ़ासले बुनकर के ही कुछ सोचेंगे
अब ही सोचा तो अज़ीयत से ही मर जाएँगे

Aditya Maurya

सब ने कहा उदासियाँ यूँ कर कि छोड़ दे
पर बाद इस के पास मेरे बचता कुछ नहीं

Aditya Maurya

समझने में उस को न हो मुझ से ये भूल
कि कोई तो मुझको समझदार कर दे

Aditya Maurya

ज़िंदगी आसाँ नहीं सो इसलिए भी 'आदि' अब
जान से प्यारा तो कोई दोस्त होना चाहिए

Aditya Maurya

दोस्त हो तो कोई उस के जैसा हो पर
हमसफ़र तो मुझे बस वही चाहिए

Aditya Maurya

है जहाँ पर बोलती रहती ख़मोशी
हो जिधर यूँ शोर मुझको ले चलो तुम

Aditya Maurya

रोज़ ही मरने को कहते ज़िंदगी
सिर्फ़ जीना ज़िंदगी है ही नहीं

Aditya Maurya

जंग में तेरी तरफ़ से सब से आगे रहने को हम
शाह की सफ़ छोड़ कर अब ख़ुद को प्यादा कर रहे हैं

Aditya Maurya

चाह कर भी मुझ को ये छोड़ना नहीं है दर्द
मेरे में किसी की ये आख़िरी निशानी है

Aditya Maurya

के कोई ख़्वाब या ख़्वाहिश अधूरी है
नहीं है वो जो जीने को ज़रूरी है

Aditya Maurya

LOAD MORE