ख़्वाब में इक बार फिर देखी वो आँखेंअक्स वो रुख़्सार के प्यारी वो आँखेंहो भी जाए क़ैदस आज़ाद हम परक्या करें जब देख लें तेरी वो आँखें— Aditya Maurya