हुआ भी तो नहीं उन से बुरा होना
न आया ढंग से उन को जुदा होना
अगर चाहो तो तुम दाइम रहो बरहम
नहीं आता हमें तुम से ख़फ़ा होना
शिफ़ा दरकार कब है यार के होते
कि जिन का मिलना होता है दवा होना
इबादत में कमी थी माना मेरी भी
न उस को भी मगर आया ख़ुदा होना
मिरे ख़ातिर जो जाँ देने पे माइल था
नहीं था हाथ में उस के मिरा होना
समाँ के फेर पर मत होइए हैरान
मुअय्यन था जो कुछ भी है हुआ होना
— Muntazir shrey















