आबाद हुए शहर में शमशान हज़ारोंक़ातिल तेरे शमशीर के एहसान हज़ारोंजो आप चले आए सरे बाम क़सम सेहोने लगे कुर्बान दिलो जान हज़ारों— Navneet krishna