साज़िशें हज़ार कर तू मौत से लड़ा मुझेऐ मिरे अज़ीज़ एक मर्तबा हरा मुझेमुस्कुराते दिन के सुख से अब मुझे है क्या ग़रज़तू उदास शाम की वो सिसकियाँ गिना मुझे— Nikhil Tiwari 'Nazeel'