
वैसे मेरा फोन काट देते हो अच्छा करते हो
लेकिन उस के बा'द रात तुम किस से साझा करते हो?
तुम बचपन का प्यार नहीं हो जिस को भुला दिया जाए
तुम तो मेरी जवानी की ग़ज़लों में पहरा करते हो
— Praveen Sharma SHAJAR
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