जिन को पाने में हैं ज़माने लगे
एक पल में वो दूर जाने लगे
जिन से मैं दोस्ती निभाता हूँ
मुझ से वो दुश्मनी निभाने लगे
मैं जिन्हें अर्श पर चढ़ा बैठा
वो हमें धूल में मिलाने लगे
हँस के मैं क्या मिला ज़रा सा उन्हें
वो मुझे दर्द में डुबाने लगे
उन की ज़िद पर गले मिला मैं उन्हें
वो मुझे मनचला बताने लगे
— Nityanand Vajpayee















