शुभकामनाऍंईद की बेपनाह ख़ुशियों परमेरी शुभकामनाऍं स्वीकारोख़ुश रहो और सब को रहने दोबेवजह ही किसी को मत मारोएक इंसाॅं से दूसरे को यहाँबस मुहब्बत अता हो बैर हो ख़त्मऐसे कुछ काम मिल के करते चलोसिर्फ़ नफ़रत को ही न विस्तारोमेरी शुभकामनाऍं स्वीकारो— Nityanand Vajpayee