
तू सब है मेरा
तू रब है मेरा
रूठा क्यूँ मुझ से
तू जब है मेरा
मैं कहता हूँ तो
तू लब है मेरा
जीता हूँ जो अब
तू सबब है मेरा
बीमार सा हूँ मैं
तू मतब है मेरा
पंकज के सुखन में
तू लक़ब है मेरा
— Pankaj murenvi
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