वो लड़की वैसे तो मुझ पे मरती है
पर घर वालो से कहने में डरती है
मेरा दिल दुख से भारी हो जाता है
जब भी वो उस को बाँहों में भरती है
टैडी वैडी से वो कब खेली यारो
वो तो मेरे दिल से खेला करती है
— Kaviraj " Madhukar"
पर घर वालो से कहने में डरती है
मेरा दिल दुख से भारी हो जाता है
जब भी वो उस को बाँहों में भरती है
टैडी वैडी से वो कब खेली यारो
वो तो मेरे दिल से खेला करती है
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