yahaañ bisaar mere yaar baithe hain | यहाँ बिसयार मेरे यार बैठे हैं

  - Raunak Karn

यहाँ बिसयार मेरे यार बैठे हैं
सही बोला यहाँ दिलदार बैठे हैं

पता था प्यार में सब कुछ बिखर जाती
मगर अब भूत दिल पर चार बैठे हैं

तुझे पूरी तरह से जानते थे हम
मगर फिर भी ख़ुदी को मार बैठे हैं

लगा तो था नहीं हमको यही आख़िर
उसी के याद में बेकार बैठे हैं

पता ये बात हमको अब नहीं आख़िर
यहाँ क्यूँँ याद में बेज़ार बैठे हैं

गया है छोड़ कर शब में हमें अब वो
ख़ुदी के राह में दीवार बैठे हैं

नहीं मतलब नहीं मतलब हमें उस सेे
यहाँ हम अब बने सरकार बैठे हैं

जहाँ में रंग है बिसयार सारी अब
अकेले हम यहाँ लाचार बैठे हैं

हमें सिगरेट आता है जलाना अब
गया है लग पता कर प्यार बैठे हैं

पता 'रौनक' तुझे था क्या नहीं कुछ भी
यहाँ पे साथ में ग़द्दार बैठे हैं

  - Raunak Karn

Wajood Shayari

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