
डगर मुश्किल मगर है हौसले पुरज़ोर सीने में
रगों में रक्त है उबला मचा है शोर सीने में
सफ़र में मुश्किलें क्या ख़ाक रोकेगी मेरा रस्ता
नज़र में मंज़िलें और आग है घनघोर सीने में
— Ravi 'VEER'
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