maqaam apna ban | मक़ाम अपना बनाना बहुत ज़रूरी था

  - Rohit tewatia 'Ishq'

मक़ाम अपना बनाना बहुत ज़रूरी था
जवान थे सो कमाना बहुत ज़रूरी था

किया भी ठीक जो तुम वक़्त रहते छोड़ गए
कि मेरा होश में आना बहुत ज़रूरी था

सवाल उठ ने लगे थे कुछ अपने रिश्ते पर
तुझे गले से लगाना बहुत ज़रूरी था

तुम्हारी ज़ुल्फ़, ये आँखें, ये हुस्न, उफ़ ये अदा
तुम्हारा एक दिवाना बहुत ज़रूरी था

वो बात और है बर्बाद हो गए हैं हम
मगर ये दिल भी लगाना बहुत ज़रूरी था

ज़रूरी था तो नहीं ये जो 'इश्क़ तुम सेे हुआ
प जब हुआ तो निभाना बहुत ज़रूरी था

  - Rohit tewatia 'Ishq'

Hug Shayari

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