teri poori har ik hasrat karunga main | तेरी पूरी हर इक हसरत करूँँगा मैं

  - Rohit tewatia 'Ishq'

तेरी पूरी हर इक हसरत करूँँगा मैं
जो हो क़ीमत अदा क़ीमत करुँगा मैं

लकीरें हाथ की सारी मिटा दूँगा
फिर अपने हाथ से मेहनत करूँँगा मैं

अभी छोड़ो अगर है छोड़ना मुझको
नहीं तो कल बहुत दिक़्क़त करूँँगा मैं

कोई तुझपर अगर उँगली उठाएगा
रखेगा याद वो हालत करूँँगा मैं

कोई रह तो ले सारी 'उम्र मेरे साथ
मगर इस बात पे हैरत करूँँगा मैं

मेरा दिल तोड़ दो और शौक़ से तोड़ो
प टूटे दिल से फिर गफ़लत करूँँगा मैं

मेरे तो नाम तक में ''इश्क़' आता है
किसी से क्या भला नफ़रत करूँँगा मैं

  - Rohit tewatia 'Ishq'

Berozgari Shayari

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