
ख़ून पीता हूँ मगर जाम से डर जाता हूँ
मैं मोहब्बत के उस ईनाम से डर जाता हूँ
वो भी मैं था जो तेरे ज़िक्र पे ख़ुश होता था
अब ये आलम कि तेरे नाम से डर जाता हूँ
— Rohit tewatia 'Ishq'
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