kaanton se phoolon si baatein karti hai | काँटों से फूलों सी बातें करती है

  - Siddharth Saaz

काँटों से फूलों सी बातें करती है
सहरा से दरिया की बातें करती है

पहले वो कितनी कम बातें करती थी
और अब तो वो कितनी बातें करती है

उसकी दोनों आँखें फिर भर आती हैं
जब भी उस किस्से की बातें करती है

मैं उसके होंठों को तकता रहता हूँ
वो जब भी जैसी भी बातें करती है

इक लड़की है जो इकदम घर जैसी है
वो बिल्कुल माँ जैसी बातें करती है

जपती है कान्हा कान्हा ही सारा दिन
वो लड़की राधा सी बातें करती है

  - Siddharth Saaz

Kashmir Shayari

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