मिरे कुम्हार बता तू बटा बटा क्यूँ हैकिसी का है तो किसी से कटा कटा क्यूँ हैमैं भी बना तिरी मिट्टी से हाथ से तेरेमिरा ही जिस्म बता फिर फटा फटा क्यूँ है— Sanjay Bhat