सपना सारा टूट चुका है
यार खिलौना टूट चुका है
पानी में पुल के बहने से
बीच का रस्ता टूट चुका है
जीवन की साँसें गिनने में
अपना होना टूट चुका है
सबके दो दो चेहरे ले कर
देखो शीशा टूट चुका है
घर की ईंटें कस के पकड़ो
घर का नक़्शा टूट चुका है
— Satyawesh Niraj














